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Friday 19 October 2018
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बागवानी मंत्री ने पुष्प क्रान्ति योजना के लिए की 150 करोड़ की मांग


सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेन्द्र सिंह, जिनके पास बागवानी मंत्री का कार्यभार भी है, ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात की तथा ‘हिमाचल पुष्प क्रान्ति योजना’ के कार्यान्वयन के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 150 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करने का आग्रह किया। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए विभिन्न परियोजना प्रस्तावों के लिये 120 करोड़ रुपये प्रदान करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों के दौरान संवृद्धि एवं विकास के एजेंडे को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए फूलों की संरक्षित खेती के लिये ‘पुष्प क्रान्ति योजना’ की कल्पना की है।

उन्होंने कहा कि संरक्षित वातावरण के अंतर्गत वर्षभर विविध किस्मों के फूलों की पैदावार के लिए अनुकूल कृषि जलवायु के चलते प्रदेश तेजी से पुष्प राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि फूलों की संरक्षित खेती न केवल किसानों को मौसम की अनिश्चितताओंं, बंदरों के खतरे तथा जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि राज्य के पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवाओं को बेहतर आजीविका के लिए पर्याप्त अवसर भी प्रदान करेगी।

महेन्द्र सिंह ने कहा कि बागवानी विभाग ने विभिन्न विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किए हैं जिनमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत 23.06 करोड़ रुपये की लागत से फल फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए राज्य के फल क्षेत्रों में ओला नियंत्रण प्रणाली स्थापित करना तथा राज्य में जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए अगले तीन वर्षों के लिए 60 करोड़ रुपये की ‘परम्परागत कृषि विकास परियोजना’ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को पूर्ण रोज़गार के अवसर सृजित करने के लिए राज्य में मधुमक्खी पालन गतिविधियों के विकास के लिए राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के अंतर्गत 15.11 करोड़ रुपये की एक परियोजना तैयार की गई है। उन्होंने मंत्रालय से इन परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया।

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री ने समेकित बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत पिछले वर्ष की लम्बित देनदारियों के लिए 60.31 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की भी मांग की।
केन्द्रीय मंत्री ने बागवानी मंत्री की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं पर शीघ्र विचार किया जाएगा तथा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।




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